Tuesday, 31 October 2023

 छोड़ कर यार तुझे कहां तक वो जायेगी
 शर्त है मेरी कि इक पल चैन नहीं पायेगी
 वे दिन जो न रहे गर तो ये भी कहां रहेंगे
 बेवफा ज़िंदगी दोबारा ढर्रे पर ही आयेगी




भेड़िए मर्द का देखना ...

भेड़िए  मर्द  का   कुछ भी  न  कर  पाएँगे, आँख  के  तेज़  से ही  देखना  मर  जाएँगे। रग-रग में जिसके  बहता हो  सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...