Saturday, 24 February 2024

वो फ़क़त तेरा ही धोका था
जिसने सांसों को रोका था
मन बड़ा समझाया उसने
और हर किसी को टोका था 


भेड़िए मर्द का देखना ...

भेड़िए  मर्द  का   कुछ भी  न  कर  पाएँगे, आँख  के  तेज़  से ही  देखना  मर  जाएँगे। रग-रग में जिसके  बहता हो  सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...