खुद ही कहता कि गुंडा है
सबने मिलके लगवा लिया
अपनी किस्मत पर कुंडा है
तुम जातपात पे लड़ते रहो
व उस के पैरों में पड़ते रहो
वह तो बस ये ही चाहता है
तुम सब के सब सड़ते रहो
जाति तुम्हारी तो गरीबी है
और उसकी जात अमीरी है
दौलत के बल पर टिकी हुई
बस उसकी यह दादागीरी है
No comments:
Post a Comment