Monday, 15 February 2016

You are liar

झूठे वादे, झूठी कसमें, हर चीज ही तेरी झूठी है ,
तेरा भी कोई दोष नहीं, तकदीर ही मेरी फूटी है .

मिलनें की वो आतुरता शनै शनै अब ख़त्म हुई ,
अवसाद में ऐसे डूबा हूँ, हर ख्वाहिश ही टूटी है.

सुर्ख मेरी इन आँखों को देखके पूछते हैं दुश्मन,
कौन है वो हस्ती जिसनें , इनकी रौनक लूटी है.

अकेलापन ही साथी है या फिर है बेचैनिऐ दिल,
ऐसे हालात हुये तबसे, तेरी संगत जबसे छूटी है.

माना कि तू है सँगदिल, मल्लिकाऐ दिल है मेरी,
तेरा बदन- मादक यौवन,हर अदा तेरी अनूठी है !
--------------------मनोज मैहता ---------------------

No comments:

Post a Comment

Game

To win despite the odds remains my only aim, For life has dealt us every breath without a name. The cards were turned a little late, a littl...