Sunday, 26 February 2017
मैंनें लगातार प्रयास किया है कि मैं हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों के लिये कुछ कर सकूं| राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमति सोनिया गांधी ने मुझे गत चुनावों की घोषणा पत्र समिति का संयोजक बनाया| मैंनें उसी समय बेरोजगारों के लिये बेरोजगारी भत्ता देकर उनकी माली हालत को ठीक करने जैसे मुद्दों को प्रभावी ढंग से घोषणा पत्र में रखा| उसके बाद बेरोजगारों की समस्याओं को सही ढंग से जानने के लिये 2012 में रोजगार संघर्ष यात्रा के तहत उनसे जगह जगह जाकर मिला और उनकी पीड़ा को समझने का प्रयास पूरी ईमानदारी से किया जिसके फसस्वरूप बेरोजगार पूरे प्रदेश में एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने के लिये लामबद्ध हुये, मैंनें उन्हें कांग्रेस पार्टी के समर्थन में इकट्ठा करने का सफल प्रयास किया जिसके कारण प्रदेश में माननीय श्री वीरभद्र सिंह जी के नेतृत्व में श्रीमति सोनिया गांधी जी के आशीर्वाद से 25 दिसम्बर 2012 को हमारी सरकार सत्तारूढ़ हुई | मुझे श्रीमति सोनिया गांधी जी के आशीर्वाद से प्रदेश सरकार में खाद्य आपूर्ति,परिवहन एवम् तकनीकी शिक्षा मंत्री का प्रभार मिला| तकनीकी शिक्षा में इंडस्ट्रियल स्किल का महत्वपूर्ण विभाग भी मिला | मैंनें मंत्री पद ग्रहण करने के पश्चात अधिकारियों की पहली बैठक में ही ऐसी योजनायें तैयार करने की पहल पर जोर दिया जो रोजगारोन्मुखी हों ताकि बेराेजगारों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें | तकनीकी विश्वविद्यालय को अतिरिक्त संसाधन मुहैया करवाकर अधिक सक्षम व प्रभावशाली बनवाया तथा वहाँ उपकुलपति की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर करवाई ताकि नई योजनाओं व नीतियों द्वारा हमारे पात्र नौजवानों को रोजगार के अवसर मिल सकें |
हमनें परिवहन विभाग को अधिक कार्यशील बनानें के लिये सैंकड़ों चालको को भर्ती किया तथा साथ ही साथ कंडक्टर भर्ती पूरी औपचारिकताओं के साथ करवाई और आप जानते हैं कि किन कारणों से यह भर्ती माननीय न्यायालय में विचाराधीन है | इसी दौरान एच आर टी सी निदेशक मंडल ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुये तय किया कि कौशल प्रबन्धन के अन्तर्गत ड्राईवर, कंडक्टर व टी एम पी ए को प्रशिक्षण दिया जाए | इसमें "हुनर से हक़" तक बेरोजगारों को तैयार करना था मगर इस पर भी कुछ लोगों को शँका थी कि काँगड़ा के बहुत सारे अभ्यार्थियों नें प्रदेश के कई स्थानों पर आवेदन कर रखा है और यह योजना महज़ उन्हीं को लाभान्वित करने के लिये ही है, मैनें विधान सभा व अन्य माध्यमों से हिमाचल की जनता को यह विश्वास दिलवाया कि लगभग 8500 अभ्यार्थी जिन्होंनें आवेदन किया है क्रमवार सभी को उपरोक्त प्रशिक्षण दिया जायेगा और यह मैंनें पूरी निष्पक्षता से करवा भी दिया अब इसी योजना के तहत पूरे प्रदेश में अगले बैच भी प्रशिक्षित हो रहे हैं| आप जानते हैं कि किन लोगों नें बेवज़ह इस प्रशिकक्षण का बिरोध किया ! मगर हमारे कुछ चुने हुए साथियों ने इसे अाधार बना कर पत्र लिखा और बिना समझे इसका विरोध किया और माननीय हाईकोर्ट मे केस निरस्त होने के बावजूद इसे प्रशासनिक ट्रिब्युनल में ले जाकर पात्र नौजवानों को उनके हक़ों से महरूम कर दिया| | जब अपनें भत्ते बढ़ाये जाने होते हैं तब तो निर्वाचित प्रतिनिधि मूक रहते हैं परंतु जब युवाओं को रोजगार की बात होती है तो उसे कानूनी प्रक्रिया में उलझाकर रख दिया जाता है यह बात मेरी समझ से परे है | मैं इन परिस्थितियों में बेरोजगारों का दुख समझता हूँ तथा वे भी मेरी व्यथा को भलीभांति जानते ही हैं | मैं हाथ जोड़कर सभी बेरोजगारों व उनके परिवारों से माफी मांगता हूँ जिनका भविष्य इस प्रक्रिया की भेंट चढ़ गया लेकिन आपको आशा दिलाता हूँ कि आपके साथ अन्याय नहीं होनें दूँग|
मैं स्वयं 25 मार्च 2017.को आपसे मिलना चाहता हूँ | मैं आपको आशान्वित करता हूँ कि आगे भी मैं जिस भी स्थिति में होऊं बेरोजगारों की लड़ाई लड़ता ही रहूंगा |
मैंनें आप सेयह भी कहना है कि बहुत ही लगन और मेहनत से जे .एन .आर.यू .एम की परियोजना प्रदेश में लाए जिसमें 800 नई बसें और 500 स्टार बसें1300 बसे लाई ताकि प्रदेश की जनता को अति उत्तम बस सुविधा उपलब्ध करबाई जा सके ,हर गांब में अच्छी सस्ती और सुरक्षित बस सेबा दी जा सके!मैंनें जब से प्रदेश सरकार में परिवहन विभाग संभाला,मुझे परिवहन विभाग घाटे और दयनीय हालत मैं मिला! मैने बहुत दुखी हालत में जनता से दो साल का समय मांगां!इसी समय में मैं हजारों बसें भी लाया और करोड़ों रूपये की सौगात भी लाया जिस में तकनीकी शिक्षा के तहत जिला सिरमौर मैं आई .आई.एम ,. जिला ऊना में आई.आई .टी आदिश शामिल हैं! लेकिन मुझे आज तक इस बात का दुख: है सैंकंडो बसें
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