Thursday, 30 July 2020

वो

अपनी मजबूती को यूं तो सराहता बहुत है
जरा सी चोट पर लेकिन  कराहता बहुत है


 

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भेड़िए मर्द का देखना ...

भेड़िए  मर्द  का   कुछ भी  न  कर  पाएँगे, आँख  के  तेज़  से ही  देखना  मर  जाएँगे। रग-रग में जिसके  बहता हो  सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...