Monday, 21 December 2015

The hopes of heart are shattered..!!

नामुराद दिल के सारे अरमान टूटे हैं ,
कुछ दिनों से इसके मेहरबान रूठे हैं !

यूँ तो दिखाने को बनते हैं पाक साफ ,
असल में उन्होंनें कई कद्रदान लूटे हैं !

आँखें खुश्क हो गईं, खामोश है ज़ुबाँ ,
जब से इश्क़ के साज़ो सामान छूटे हैं !

अँधेरा और गहरा गया मेरे आसपास ,
जिस दिन से घर के रोशनदान फूटे हैं !

कहना तो चाहा मगर कह न पाया मैं ,
कि उनके सभी मुरीद,चाहवान झूठे हैं !!
---------------- मनोज मैहता ---------------

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