Wednesday, 11 January 2017

कामयाब कर गये... !! !!

शौक हमें देकर क्याें  उनके चाव मर गये
जरा मुस्कुराये तो वो समझे घाव भर गये

सब जानते हैं कि  अपने एैबों में शुमार है
बिलकुल नहीं या फिर  बेहिसाब कर गये

महफ़िल मे सुना है  उन्हीं के होते थे चर्चे
हुनर हमारे पर उनको ला-जवाब कर गये

ये मतलब-परस्तियाँ  या कि सर-मस्तियाँ
ख़ाम्खाह ही अपना  वक्त ख़राब कर गये

शबनम के चँद कतरों का ऐसा चला फ़ुसूँ
सूखे पत्तों की नस नस को शराब कर गये

दुनिया के मयखाने में  कुछ रिंद ऐसे मिले
शरीफों की शराफत को बेनकाब कर गये

लेते रहे उम्र भर जो  तेरी वर्बादी के सपने
वही यार मनोज तुझको कामयाब कर गये
                                  .. मनोज मैहता

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