Tuesday, 20 October 2015

Old lady's grief

अज मिये बोबो तिन्नें पाई पल़चाई दित्ती ,
नणाना कन्नें लौकी भ़रौजी लड़ाई दित्ती ।

देया बाभ़ो सारा टब्बर रैह़ंदा था प्यारे ने ,
बड़कें अद्धे अँगणें च तार लोआई दित्ती ।

स्यापा भ़ी जल़या तदुँआ ते लग्गा पौंणां ,
जद्धौकी बिट्टिया दी करी कुड़माई दित्ती ।

त्रिये म्ह़ीनें चुल्ह़ीं लग्ग थिंयाँ करी लियाँ ,
तेरे भ़णोए दी मिये मसें मैं छमाह़ी कित्ती ।

बड़ी बुरी गत मिये, जीणां ह़ोया मुस्कल ,
ह़ुण ता मैं भ़ी जीणें दी चाह़ मुकाई दित्ती।।

---------------- मनोज मैहता -----------------

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