Tuesday, 3 November 2015

Might is right

जाह़लु ते नाँ मेरा बिकणां  लग्गा ,
जोसी भ़ी टिपड़ुए दिखणां लग्गा ।

कबल्ले ख्याल थे खोपरें  बड़यो ,
भ़ुल्ले सब जाह़लु लिखणां लग्गा ।

सुभ कारजे जो जाँदयां दिख्खी ,
सरीक ठस्से नें छिक्कणां लग्गा ।

लुगड़े छक्की साह़ंन था  बणयां ,
ह़ुण कजो जँग्घ़ां जिकणां लग्गा?

सिगटे बिच था मिठड़ा  लग्गदा ,
धूँ  चिलमाँ  दा  तिखणां  लग्गा ।

छड्ड भँग्गा  देयां  सूट्टयाँ  मितरा ,
मींजूए च ह़ुण एह़ चिटणां लग्गा ।।

--------- मनोज मैहता -------------

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