Saturday, 14 November 2015

Wasted my time in useless jobs

न अदाब ही कहा न ही सलाम किया ,
हर बात का मुझ पर ही इल्ज़ाम दिया ।

करते रहे जिसकी लम्बी उम्र की दुआ ,
उसनें ही तो हमारा जीना हराम किया ।

जिस नाकाम के चर्चे शहर में आम थे ,
उसी नें बस्ती में हासिल मुकाम किया ।

हमें ग़म है ताउम्र, काम न कोई किया ,
सारा वक्त हुज्ज़तों में ही तमाम किया ।

यारों की मेहरबानियाँ मुझपर हुईं बड़ी ,
हर बेज़ा हरकत को मेरे ही नाम किया ।।
-----------------मनोज मैहता ---------------

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