Wednesday, 27 April 2016

With heartiest salute to Mr. Gandhi !

बणीं के दारुबाजाँ तांईंएं, सैह़ आँधी आई गया ,
न्ह़ठा बो शराबियो अज फिरी गाँधी आई रेह़या |

दस्सां दी भ़ी मँग्गा दा तां बिह़िंयाँ दी भ़ी मँग्गा दा,
नेह़रदेयाँ ह़ी ग्लासुये बिच म्यो, बुरे दौंलें फँड्डा दा |

सारेयाँ दो नम्बरियां जो, मेरी गप्प समझाई  देया,
जुगती नें बेचा म्यो, सैह़ अँगण-द्वाराँ गाह़ी  गेया !

आँड्डयाँ दिया रेह़ड़िया पर कोई भी नीं ओआ  दा
सारे घराँ जो ला दे खिट्टां, ध्याड़ा जे  घरोआ  दा !

जणासां दे सूनें चेह़रयाँ पर, नूर फिरी आई गया ,
न्ह़ठा झ़ट नशेड़ियो कि एस पी गाँधी आई गया....!!
----    ----    ----    ----    ----  --  मनोज मैहता ---

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