Tuesday, 12 April 2016

Made my life eddy..!!

छोटी सी बात का इतना बड़ा बवंडर बना दिया ,
आलीशान से मकाँ को, क्यों खँडहर बना दिया ?

कहावतें और मुहावरे, पन्नों में लिखे ही रह गये ,
मेरी इक ही हार नें, बैरी को सिकंदर बना दिया |

सीना मेरा छलनी हुआ उसके देखते ही कुछ यूँ ,
ग़ोया रब्ब नें उसकी नज़र को खंजर बना दिया |

जानें कहाँ से आ गया यह सैलाब या ज़लज़ला ,
ग़म-ऐ दिल नें आँखों को मेरी समंदर बना दिया |

तेरी ज़ुल्फ, तेरी नज़र, तेरे रुख़सार नें मिलकर ,
मेरी ज़िंदगी को इक भयानक, भंवर बना दिया |
----  ----  ----  ----  ----  ----  ----   मनोज मैहता

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