Thursday, 6 October 2016

वाह बो गद्दणी

गद्दी छैल़ तां गद्दण सोह़णी 
ह़त्थे लाँदयाँ ह़ी मैली ह़ोणी

लौह़णां लगे पह़ाड़ाँ जोत्तां 
ह़ुण गद्ध़ेरने बर्फ जे पोणी 

बुन्ह़ औंदयाँ ह़ी मेल़े लगणेंँ 
बूचरां ह़रिक छेल्ली टोह़णी 

मीट, नरासे,मुँड्डी तां टुंड्डियां 
मेस्से दी लग्ग कीमत पोणी

 भ़ेड्डाँ भ़ेड्डू  बो डगणा पोणे
 तां जाई मित्रो उन्न कतोणी 

लबालब भ़रोयो ह़न्ड्डू पारू 
कुथु रखणा ह़ुण दुध़- नौणी

दसह़रा नीं दिखणां मिलना 
अपण दयाल़ी बुन्ह़ं मनोणी

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