गद्दी छैल़ तां गद्दण सोह़णी
ह़त्थे लाँदयाँ ह़ी मैली ह़ोणी
लौह़णां लग्गे पह़ाड़ाँ जोत्तां
ह़ुण गद्ध़ेरने बर्फ जे पोणी
बुन्ह़ं औंदयाँ ह़ी मेल़े लगणेंँ
बूचरां ह़रिक, छेल्ली टोह़णी
मीट, नरासे, मुँड्डी तां टुंड्डियां
मेस्से दी लग्ग, कीमत पोणी
भ़ेड़ तां भ़ेड्डू डगणा भ़ी पोणे
तां जाई मितरो, उन्न कतोणी
लबा लब भ़रोयो ह़न्ड्डू पारू
कुथु रखणा, ह़ुण दुध़- नौणी
दसह़रा तनीं दिखणां मिलना
अपण दयाल़ी, बुन्ह़ं मनोणी
..मनोज मैहता
Thursday, 6 October 2016
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भेड़िए मर्द का देखना ...
भेड़िए मर्द का कुछ भी न कर पाएँगे, आँख के तेज़ से ही देखना मर जाएँगे। रग-रग में जिसके बहता हो सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...
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