आपको किसनें रोका है चलकर आगे बढ़ो
राजनैतिक युद्ध है जरा अँदाज़ से तो लड़ो
ब्राह्मण सिंह लगाते हैं किन परिस्थितियों में
दोस्त मोहयालों का कभी इतिहास तो पढ़ो
पूरी शिक्षा का जी आपको सौंपा जिम्मा है
प्राईमरी के बच्चों की मानिंद तो मत लड़ो
तेरे बदनाम करने से मेरा नाम और निखरा
तरक्की दूसरे की देख कर इतना मत सड़ो
तुम लड़े या वो लड़ा किसी ने क्या लेना है
कोई सुबूत तो लाओ फिर आगे बात करो
Monday, 29 August 2016
हम फ़ाकाकश नवाब हैं पर हर बात का जवाब हैं
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भेड़िए मर्द का देखना ...
भेड़िए मर्द का कुछ भी न कर पाएँगे, आँख के तेज़ से ही देखना मर जाएँगे। रग-रग में जिसके बहता हो सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...
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🌺 भृगु-वंश महाकाव्य गान 🌺 नारी-पक्ष बुआ इंदू आज के दिन यूँ फिरती इतराती, ज्यों कोकिला उछल-उछल कूकू करती जाती। बंदना, ऋतु, सीमा, नीतू की दे...
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--- ग़ज़ल चले भी हम, दौड़े भी हम, मगर शायद बेवक़्त तभी तो मंज़िल न मिली, थक गए हम कम्बख़्त। किसी ने राह दिखाई, किसी ने धोखा दिया, मगर न थमी ...
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