जाति के नाम पे माँगेंगे पाति के नाम पे माँगेंगे
कभी तो सुबह पर माँगेंगे कभी शाम पे माँगेंगे
बहलाते- फुसलाते फिरें फर्क नही पड़ता यारो
निश्चय पक्का है अपना हम तो काम पे माँगेंगे
बातों को सुनते आना पर यह भी समझा आना
उनके जैसे और भी हैं जोकि बस जाम पे माँगेंगे
जज़्वातों में नही बहते, चँद ऐसे लोग भी हैं रहते
जो भी करना हैं करें वो हम इसी पैग़ाम पे माँगेंगे
उनका नाम चलाने में महफ़िलों में मय खानों में
जो लिखा और बोला है उस ही कलाम पे माँगेंगे
उनको भी चाहियें वोट पर नीयत में ज़रा है खोट
कई हथकंडे अपनायेंगे, या वो इल्ज़ाम पे माँगेंगे
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