मुकाबला करते हो तो उसके लिये भी करतूत चाहिये
भैया! इल्ज़ाम लगाने से पहले कोई तो सुबूत चाहिये
जो कहना है कह लो तुम, हो मगर पूरी कुत्ते की दुम
रब से यह है दुआ भेजा तेरा, सलामत-साबूत चाहिये
जो भी लिखना है लिख, तुझ को स्वयं जायेगा दिख
मुझे आस है मेरी बात से जगना हर बाली दूत चाहिये
Saturday, 3 September 2016
हा हा हाहाहाहा हा हा....!!
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भेड़िए मर्द का देखना ...
भेड़िए मर्द का कुछ भी न कर पाएँगे, आँख के तेज़ से ही देखना मर जाएँगे। रग-रग में जिसके बहता हो सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...
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🌺 भृगु-वंश महाकाव्य गान 🌺 नारी-पक्ष बुआ इंदू आज के दिन यूँ फिरती इतराती, ज्यों कोकिला उछल-उछल कूकू करती जाती। बंदना, ऋतु, सीमा, नीतू की दे...
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--- ग़ज़ल चले भी हम, दौड़े भी हम, मगर शायद बेवक़्त तभी तो मंज़िल न मिली, थक गए हम कम्बख़्त। किसी ने राह दिखाई, किसी ने धोखा दिया, मगर न थमी ...
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