अपनी पढ़ाई का पता नहीं, दूजे की तालीम बताता है
बात पर बात जो चलती है हर बार ही मुँह की खाता है
एक झूठा इल्ज़ाम छोड़ता तो दूसरा ही नया लगाता है
"जानू" भाई है कितना पढ़ा,आ "मैहता" तुम्हे बताता है
कॉमर्स की +2 क्लास, डी़.ए.वी. काँगड़ा में की ज़नाब
कृपा करके सूफी हालत में, पढ़ना पर मेरा पूरा जवाब
आगे नहीं भी पूछोगे जी तो भी हम तो बतलाते जायेंगे
औछी हरकतें मत कर प्यारे, यह भी और समझायेंगे
बैचलर ऑफ होटल मैनेजमैंट किया कॉलेज रमैया से
आस पास ही सुना है , तुम भी कहीं पढ़ते मेरे भैया थे
फर्स्ट क्लास से पास की हैं , उक्त दोनों ही परीक्शायें
अगर बड़ा ही शौक है तब सर्टिफिकेट भी दिखलायें ?
Monday, 5 September 2016
Education....
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भेड़िए मर्द का देखना ...
भेड़िए मर्द का कुछ भी न कर पाएँगे, आँख के तेज़ से ही देखना मर जाएँगे। रग-रग में जिसके बहता हो सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...
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🌺 भृगु-वंश महाकाव्य गान 🌺 नारी-पक्ष बुआ इंदू आज के दिन यूँ फिरती इतराती, ज्यों कोकिला उछल-उछल कूकू करती जाती। बंदना, ऋतु, सीमा, नीतू की दे...
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--- ग़ज़ल चले भी हम, दौड़े भी हम, मगर शायद बेवक़्त तभी तो मंज़िल न मिली, थक गए हम कम्बख़्त। किसी ने राह दिखाई, किसी ने धोखा दिया, मगर न थमी ...
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