तेरे तां मोआ ढेरे ह़ैन्न मांन्नु
तू पूरा कन्ने, तिद्दा जाह़ंनु
एड्डा तिस्दा खौफ ह़ै तिज्जो
रात्ती भी सुपनें औंदा 'जानु'
तेरी तां ह़ै मोआ ह़ालत देह़ी
ह़ारदा जाऊँ पर मैं न मानूं
तैं राकसा क्या बगाड़ना मेरा
तू 'भ़स्मासुर' मैं भ़क्त "ध़्यानु"
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भेड़िए मर्द का देखना ...
भेड़िए मर्द का कुछ भी न कर पाएँगे, आँख के तेज़ से ही देखना मर जाएँगे। रग-रग में जिसके बहता हो सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...
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