Monday, 16 May 2016

जरूरी है...

यह जरूरी है कि अच्छी सोहबत होनी चाहिए,
इंसान को इंसान से मगर मुहब्बत होनी चाहिए |

उसके नवाबी घर में जाकर, जागी ये ख्वाहिशें,
कि गुज़ारे लायक मेरे पास दौलत होनी चाहिए |

जाकर बेगाने शहर में कोई तो पहचान ले तुम्हें,
इतनी तो आदमी की भी शौहरत होनी चाहिए |

माना कि मासूम है वो और दिलकश भी बड़ी,
कभी पर माशूक की भी मुरम्मत होनी चाहिए |

गोदी मे बिठाते ही वो दाढ़ी को लग गये नोचनें,
ऐसे दिल फरेब इंसाँ को तो लानत होनी चाहिए ||
--------------------------------------- -- मनोज मैहता

No comments:

Post a Comment

भेड़िए मर्द का देखना ...

भेड़िए  मर्द  का   कुछ भी  न  कर  पाएँगे, आँख  के  तेज़  से ही  देखना  मर  जाएँगे। रग-रग में जिसके  बहता हो  सत्य का लहू, उसके दुश्मन देखना ...