Tuesday, 17 May 2016

जोश रखता हूँ..!!

अपने ही दम पर दुनिया जीत लूँगा मैं ,
तूफानों से टकरानें का जोश रखता हूँ |

उनके उकसाने से, मुस्कान खिल उठी ,
वक्त पर काबू मैं, अपने होश रखता हूँ |

मत दिखाईये मुझे, चोट- मौत का भय ,
हूँ !और साथ भी, सरफरोश रखता हूँ |

हर चीज़ पर अपना हक जताने वालो !
क्या शक्ल से मैं ख़ानाबदोश लगता हूँ ?

चलिये आप ही बड़े और मैं छोटा सही,
चंद और दिन यूँ भी मदहोश रखता हूँ |

वज़ूदों की जँग का लोग करेंगे फैसला ,
सबके सामने अपने गुण-दोष रखता हूँ ||
------------------------------ - मनोज मैहता

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